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Page last modified on : October 13, 2018

नेशनल एल्यूमिनियम नेटवर्क सम्मेलन 2018

“एल्यूमिनियम मांग और खपत को पूरा करने के लिए अनुप्रवाह उद्योगों की ओर ध्यानकेंद्र बदलना होगा।”: नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द


National Aluminium Network Meet 2018

नई दिल्ली / भुवनेश्वर, 12/10/2018: “आगामी 5 वर्षों में, भारत में एल्यूमिनियम खपत वर्तमान 3.6 मिलियन टन के स्तर से दुगुनी होकर 7.2 मिलियन टन तक पहुँच जाएगी। यदि हम एल्यूमिनियम अनुप्रवाह उद्योग की ओर ध्यान केंद्रित न करें, भारत लगभग 5 खरब डॉलर के मूल्य के अनुप्रवाह एल्यूमिनियम उत्पादों का आयात करेगा।,” नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द ने कहा। खान मंत्रालय और जवाहरलाल नेहरू अनुसंधान एवं विकास केन्द्र के तत्त्वावधान के अन्तर्गत आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय एल्यूमिनियम नेटवर्क सम्मेलन 2018 के दौरान उन्होंने यह कहा: “इसके अतिरिक्त, भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग उत्पादन के लिए लागत वक्ररेखा के ऊँचे छोर है तथा इस उद्योग को टिके रहने तथा लाभार्जन के लिए मूल्यवर्धित एवं ऊच्च उपयोग के अनुप्रवाह उत्पादों के उत्पादन करने की जरूरत है।“ डॉ चान्द ने आगे कहा।

और आगे, डॉ॰ चान्द ने मुख्य एल्यूमिनियम संयंत्र को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के माध्यम से अनुप्रवाह उद्योगों को बढ़ावा देने पर बल दिया ताकि रोजगार के अवसर सृजित हो सकें जिससे भारतीय एल्यूमिनियम बाजार के विकास में मदद मिलेगी। इस सन्दर्भ में उन्होंने एल्यूमिनियम उद्योगों के प्रमुखों को सलाह दी कि अनुप्रवाह ईकाइयों के लिए एल्यूमिनियम अयस्कों के विकास के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी की पहचान करें। यह प्रौद्योगिकी विकसित जे.एन.ए.आर.डी.सी. द्वारा विकसित की जा सकती है और आपसी सहयोग के माध्यम से विदेशों से स्थानांतरित की जा सकती है। जे.एन.ए.आर.डी.सी. उत्प्रेरक और सुगमकर्ता के रूप में कार्य कर सकती है। डॉ॰ के॰ राजेश्वर राव, अपर सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार, ने इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अनुप्रवाह एककों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए नालको की सराहना की तथा सभी सभी एल्यूमिनियम उत्पादकों का आह्वान किया कि समकालीन समय में एल्यूमिनियम की उपयोगिता के बारे में जागृति लायें।

इस सम्मेलन में खान मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण, प्राथमिक, द्वितीयक और अनुप्रवाह क्षेत्र के शीर्ष एल्यूमिनियम उत्पादक और प्रौद्योगिकी पेशेवर तथा मूल उपकरण निर्माता (ओ.ई.एम.) उपस्थित थे।


नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द ने कर्मचारियों के लिए 6ठा दीर्घावधि वेतन समझौता आरंभ किया


Long Term Wage Settlement for employees

भुवनेश्वर, 08/10/2018: देश भर में नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के 5000 से अधिक कर्मचारियों के लाभ के लिए एक उल्लेखनीय कदम के रूप में नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द ने कंपनी के निगम कार्यालय भुवनेश्वर में आज 6ठे दीर्घावधि वेतन समझौता का उद्घाटन किया।

उद्घाटन समारोह से अपने कर्मचारियों के लिए वेतन-मान, मकान किराया भत्ता, प्रोत्साहन और अन्य लाभों सहित वेतन- समझौता की प्रक्रिया को गति मिलेगी। विगत काल के विपरीत, डॉ॰ चान्द ने मान्यताप्राप्त श्रमिक संघों और प्रबंधन को वेतन-समझौता प्रक्रिया की बातचीत को एक महीने की अवधि के अंदर पूरा करने का दृढ़ आह्वान किया।

कर्मचारियों के कठिन परिश्रम की सराहना करते हुए , डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने कहा, “नालको, जहाँ आज है, वहाँ तक पहुँचाने में कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उनकी वचनबद्धता ही है जो नालको को वर्तमान नवरत्‍न कंपनी से एक महारत्न कंपनी बनने के सपने को साकार करने में मदद करेगी। 6ठा दीर्घावधि वेतन-समझौता चलाने के इस निर्णय से कर्मचारियों के मनोबल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और संगठन की व्यवसाय संस्कृति को आगे और सुधारने में लम्बा मार्ग तय होगा।’’

यह उल्लेखनीय है कि नालको देश में खनन और धातु क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में से एक है जिसने भारत सरकार के मार्गनिर्देशों के अनुसार 6ठे दीर्घावधि वेतन-समझौता हेतु बातचीत की प्रक्रिया को आरंभ करने के लिए ठोस कदम उठाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

पाँच मान्यताप्राप्त श्रमिक-संघों – नालको खान कर्मचारियों संघ (खान, दामनजोड़ी), नालको इम्प्लॉइज युनियन (एल्यूमिना परिशोधक, दामनजोड़ी), नालको श्रमिक कांग्रेस संघ (ग्र॰वि॰सं॰, अनुगुळ), एल्यूमिनियम मजदूर संघ (प्रद्रावक संयंत्र, अनुगुळ) एवं नालको इम्प्लॉइज फोरम (निगम और क्षेत्रीय कार्यालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए) ने इस समारोह में भाग लिया और संगठनात्मक विकास और उत्कृष्टता के प्रति सकारात्मक योगदान का वचन दिया। श्री व्ही बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन), श्री. बसन्त कुमार ठाकुर, निदेशक (मानव संसाधन), श्री श्रीधर पात्र, निदेशक (वित्त), और कंपनी के वरिष्ठ कार्यपालक बैठक के दौरान उपस्थित थे।

नालको तथा नराकास(उपक्रम) ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मनाई

भुवनेश्वर,26.09.2017: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार के नवरत्न लोक उद्यम तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), भुवनेश्वर द्वारा पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मनाई गई। इस उपलक्ष्य में नालको के निगम कार्यालय, भुवनेश्वर, विभिन्न संयंत्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों सहित नराकास (उपक्रम) के सदस्य कार्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।

इस अवसर के उपलक्ष्य में, कल यहाँ नालको द्वारा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व तथा दर्शन पर एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई और एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे समाजसेवी श्री समीर कुमार महान्ति तथा खान मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य पण्डित सुधाकर शर्मा के साथ नालको के अध्यक्ष-सह- प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

समारोह में उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए, डॉ॰ चान्द ने कहा, ‘हम सभी को समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के कल्याण की दिशा में जी-जान से कार्य करना चाहिए। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का सिद्धान्त सामूहिक विकास और आत्मनिर्भरता लाता है। इसी के अनुरूप नए भारत के निर्माण के लिए “संकल्प से सिद्धि” का अभियान चलाया जा रहा है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संभाषण में श्री समीर कुमार महान्ति ने एक भेद-भाव मुक्त भारत के निर्माण लिए पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के कदमों का अनुसरण करने का महत्व प्रतिपादित किया। नालको के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बसन्त कुमार ठाकुर ने इस अवसर पर संभाषण दिया।

इस अवसर पर “पण्डित दीनदयाल उपाध्याय - व्यक्ति, विचार और दर्शन” नामक स्मारिका का भी उन्मोचन किया गया, जिसमें देश भर के गणमान्य व सुप्रसिद्ध व्यक्तियों के आलेख संकलित किए गए हैं।

इस दौरान पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन एवं सिद्धांतों के प्रसंग पर आयोजित हिंदी निबंध, पोस्टर-और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समारोह में पुरस्कार वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि नालको की अध्यक्षता में संचालित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), भुवनेश्वर के सदस्य केन्द्रीय सरकारी उपक्रमों और बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भारी संख्या में भाग लिया था और समारोह में उपस्थित रहे।


उत्कल गौरव मधु बाबू गुणवत्ता अभियान के अग्रदूत थे : डॉ. चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको

भुवनेश्वर,21.04.2016 : “आधुनिक ओड़िशा के निर्माताओं से एक के रूप में, उत्कल गौरव मधुसूदन दास ने राज्य प्रगति का पथ प्रशस्त किया था। उस समय, गुणवत्ता-सचेत उद्यमी के रूप में उनके उत्साहशील प्रयास आज भी अनुकरणीय उदाहरण हैं। वस्तुतः, मधु बाबू ओड़िशा में गुणवत्ता अभियान के अग्रदूत थे,” नवरत्‍न नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ. तपन कुमार चान्द ने कहा। वे वृहस्पतिवार को नालको द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन के 21वें संस्करण के समारोह में उद्बोधन दे रहे थे। नालको द्वारा 1996 से गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष, राज्यभर से 22 संगठनों से कुल मिलाकर 37 दल (29 गुणवत्ता मण्डलों और 8 उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों) ने इस सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर, डॉ. चान्द ने "नालको उत्कल गौरव मधुसूदन दास गुणवत्ता पुरस्कार" संस्थापित करने की घोषणा की।. इस पुरस्कार में, ₹ एक लाख की नगद राशि और एक प्रशंसापत्र शामिल है, जो इस सम्मेलन के अगले संस्करण में उत्कृष्ट गुणवत्ता अभ्यास रखनेवाले औद्योगिक संस्थापन को प्रदान किया जाएगा।


1905 में संस्थापित मधु बाबू के उत्कल चर्मशोधनालय का उदाहरण देते हुए डॉ. चान्द ने कहा: “जबकि मधु बाबू ओड़िशा के औद्योगिक विकास में काफी उत्सुक थे, उनका मानस-पुत्र उत्कल टेनारी उत्पादन उत्कृष्टता और गुणवत्ता का निष्कर्ष था। तब कुछ ऐसी घटनाएँ हुईं जब कुछ लघु त्रुटियों के कारण टेनारी में उत्पादित चमड़े की वस्तुओं को उन्होंने रद्द कर दिया था। इस प्रक्रिया में, उन्हें बहुत हानि सहनी पड़ी। लेकिन, गुणवत्ता के प्रति उनकी वचनबद्धता के लिए, उत्कल नेटारी आज भी याद की जाती है। एक गुणवत्ता सचेत उद्यम के रूप में, नालको, मधु बाबू द्वारा पथप्रदर्शित गुणवत्ता अभियान को आगे बढ़ा रही है।”


इस प्रतियोगिता में, स्वर्ण फलक एलियूमिना परिशोधक नालको के के ‘डिस्कवर’ गुणवत्ता मण्डल ने जीता जबकि राउरकेला इस्पात संयंत्र के गुणवत्ता मण्डल ‘सी-हॉक' ने उप-विजेता होकर रजत फलक जीता। सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों में से, टाटा स्टील, जोड़ा के ‘एलआरपी सेक.-02’ ने स्वर्ण फलक जीता जबकि जे.के. पेपर के "क्वाण्टम" ने उप-विजेता होकर रजत फलक जीता।


इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, नालको के निदेशक (मा.सं.) श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (वाणिज्य) सुश्री सोमा मण्डल और श्री एस.के. रॉय, कार्यपालक निदेशक (उत्पादन) उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह में, श्री एन.आर. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री के.सी. सामल, निदेशक (वित्त) और श्री व्ही. बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) भी उपस्थित थे। श्री चन्द्रेश्वर खान, टाटा मोटर्स के पूर्व प्रशिक्षण विभागाध्यक्ष और डॉ. बी.एल. बंगराय, क्यू.सी.एफ.आई., हैदराबाद के सलाहकार ने निर्णायक के रूप में प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन किया।


नालको में डॉ॰ अम्बेडकर जयन्ती मनाई गई


भुवनेश्वर,18.04.2016 : नालको निगम अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ, भुवनेश्वर ने वृहस्पतिवार को नालकोनगर, भुवनेश्वर में भारत रत्न डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयन्ती मनाई। जबकि श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), नालको ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई, पद्म श्री तुलसी मुण्डा ने मुख्य वक्ता और श्रीमती सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), नालको ने सम्मानित अतिथि के रूप में योग दिया। संघ के अध्यक्ष श्री एस.के॰ सेठी और महासचिव श्री य़तीन्द्र नाइक ने भी सभा को सम्बोधित किया। श्रीमती नीलिमा कोंगारी ने समारोह संचालित किया और श्री भवानी शंकर दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से, श्री आर॰ श्रीधरन्, अपर सचिव, श्री एन. धळ, संयुक्त सचिव और नालको से श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) उपस्थित थे।


नालको, जिसने 1987 में अपना वाणिज्यिक प्रचालन आरम्भ किया था, निरन्तर लाभ कमाती आ रही है और 1992 से लाभांश घोषित करती रही है। वित्तवर्ष 2014-15 में, इस कम्पनी ने ₹451.02 करोड़ का कुल लाभांश घोषित किया था। यह उल्लेखनीय है कि आरम्भ से अबतक, नालको लाभांश के रूप में कुल ₹5679 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4860 करोड़ शामिल हैं।


नालको ने अन्तरिम लाभांश के रूप में सरकार को 260.72 करोड़ का भुगतान किया


भुवनेश्वर,18.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्नल सार्वजनिक उद्यम, ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए र 1288.62 करोड़ की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूँजी पर 25% अर्थात् र 5 प्रत्येक के शेयर पर र 1.25 की दर से र 322.16 करोड़ की राशि का अन्तरिम लाभांश घोषित किया है। आज नई दिल्ली में नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ. तपन कुमार चान्द द्वारा श्री बलविन्दर कुमार, सचिव, खान मंत्रालय की उपस्थिति में भारत सरकार के केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को भारत सरकार द्वारा धारित कम्पनी के 80.93% शेयर पर अन्तरिम लाभांश के रूप में र 260.72 करोड़ का चैक प्रदान किया गया। केन्द्रीय मन्त्री श्री तोमर ने बाजार में मन्दी के बावजूद नालको की प्रभावी कार्यकारिता की प्रशंसा की। विशेषकर, उन्होंने 2015-16 में कम्पनी के अब तक के सर्वोच्च 63.40 लाख टन बॉक्साइट उत्पादन और 19.53 लाख टन एल्यूमिना उत्पादन की सराहना की।


इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से, श्री आर॰ श्रीधरन्, अपर सचिव, श्री एन. धळ, संयुक्त सचिव और नालको से श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) उपस्थित थे।


नालको, जिसने 1987 में अपना वाणिज्यिक प्रचालन आरम्भ किया था, निरन्तर लाभ कमाती आ रही है और 1992 से लाभांश घोषित करती रही है। वित्तवर्ष 2014-15 में, इस कम्पनी ने ₹451.02 करोड़ का कुल लाभांश घोषित किया था। यह उल्लेखनीय है कि आरम्भ से अबतक, नालको लाभांश के रूप में कुल ₹5679 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4860 करोड़ शामिल हैं।


"लाभ-क्षरण रोकने के लिए नालको उत्पादन बढ़ाएगी", अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ चान्द कहते हैं


भुवनेश्वर,16.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान अपने खान और परिशोधक में 63.40 लाख टन बॉक्साइट और 19.53 लाख टन एल्यूमिना का उत्पादन करके उत्पादन के पिछले रिकार्ड तोड़ दिए। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर उत्सव मनाने के लिए, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने दामनजोड़ी का परिदर्शन किया और आपरटेरों से लिए सहायक महाप्रबन्धकों तक के स्तर के 30 से अधिक उत्कृष्ट उपलब्धि करनेवालों का अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक उत्कृष्टता पुरस्कारों से अभिनन्दन किया।


"उत्कृष्टता है एक यात्रा है, कदापि एक गंतव्य नहीं। अब, नालको की यह यात्रा आरम्भ हुई है, जो इस कम्पनी को खनन, धातु और ऊर्जा के क्षेत्र में सचमुच एक भूमण्डलीय खिलाड़ी बनाएगी। सम्मिलित प्रयासों से, 2016-17 में, हम पिछले वित्त वर्ष की तुलना में, 7.1% की वृद्धि के साथ 68.25 लाख टन बॉक्साइट और 9.2% वृद्धि के साथ 21.50 लाख टन एल्यूमिना का उत्पादन लक्ष्य उपलब्ध करेंगे," श्री चान्द ने अपने उद्बोधन में कहा। 2015-16 को एक बुनियादी वर्ष के रूप में वर्णन करते हुए, उन्होंने आगे कहा कि अशान्त व्यवसाय वातावरण का सामना करने के लिए कम्पनी की व्यवसाय योजना में एक प्रमुख मोड़ आ सकता है। अब तक नालको इस संकट को पार करने के लिए उत्पादन को नियन्त्रित करते आ रही थी, किन्तु अब यह कम्पनी लाभ-क्षरण को रोकने के लिए उत्पादन बढ़ाने के द्वारा इसे चुनौती दे रही है।


दो दिवसीय परिदर्शन के दौरान, डॉ॰ चान्द ने अनेक बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लिया, श्रमिक संघों, ऑफिसर्स एसोसिएशनों, स्कूल प्राधिकारियों, सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं, औद्योगिक सुरक्षा बलों तथा परिधीय गाँवों के लोगों और जिला प्रशान के शीर्ष अधिकारियों के साथ परिचर्चा की। सभी ने उत्कृष्टता के अभियान में इस वित्त वर्ष को एक मील का पत्थर बनाने के लिए सर्वसम्मत समर्थन देने का वचन दिया।


ईरान में प्रद्रावक एवं विद्युत संयंत्र के लिए नालको और ईमिड्रो ने संयुक्त कार्य दल गठित किया


भुवनेश्वर,11.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार का उद्यम और ईरानियन माईन्स एण्ड माईनिंग इण्डस्ट्रीज डेवलपमेंट एवं रिनोवेशन ओर्गेनाईजेशन (ईमिड्रो), छाबाहार मुक्त व्यापार जोन में प्रस्तावित प्रद्रावक एवं गैस-आधारित विद्युत संयंत्र पर विवेचना करने के लिए नालको के वरिष्ठ परियोजना, प्रचालन और विपणन कार्यपालकों तथा ईरान सरकार के उद्योग मंत्रालय के निदेशकों, ईरानियन एल्यूमिनियम कम्पनी (ईराल्को) के वरिष्ठ कार्यपालकों को शामिल करके एक संयुक्त कार्यबल का गठन करेंगे। इस संयुक्त कार्यबल को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।


"इस परियोजना से नालको को वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात की जा रही अपनी एल्यूमिना को एल्यूमिनियम में बदलने के लिए ईरान में उपलब्ध कम लागत की ऊर्जा का उपयोग करने में मदद मिलेगी। कम लागत वाली नालको एल्यूमिना और कम लागत वाली ईरानी ऊर्जा का सम्मिलित लाभ उठाते हुए इस संयुक्त उद्यम कम्पनी के एल्यूमिनियम उत्पाद अत्यन्त लागत प्रतियोगी होंगे" डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा। भारत सरकार के केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में भारतीय व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के भाग रूप में डॉ॰ चान्द ईरान में हैं। अपने परिदर्शन के दौरान, डॉ॰ चान्द ने ईरान सरकार के उद्योग, खान एवं व्यापार उप-मन्त्री तथा ईमिड्रो के अध्यक्ष और ईरान सरकार के शीर्ष अधिकारियों और अन्य एल्यूमिनियम कम्पनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।


रिपोर्ट के आधार पर, स्वामित्व के स्वरूप, परियोजना वित्तपोषण, गैस की दीर्घावधि आपूर्ति और अन्य पहलुओं पर निर्णय लिया जाएगा। ईमिड्रो से एक दल का शीघ्र ही नालको का परिदर्शन करने के लिए आने वाला है। डॉ॰ चान्द ने गैस के मूल्य-निर्धारण, गैस की दीर्घावधि आपूर्ति और छाबाहार में भूमि के आबंटन सहित नालको के प्रस्ताव को ईरानी सरकार के उच्च स्तर पर उठाने के लिए पहलकदमी के लिए मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान को धन्यवाद दिया।

कोरापुट के 163 आदिवासी गाँवों में सौर विद्युतीकरण हेतु नालको ने योजना बनाई


भुवनेश्वर,08.04.2016 : नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने कोरापुट जिला के दामनजोड़ी क्षेत्र के आदिवासी बहुल 163 परिधीय गाँवों में सौर विद्युतीकरण प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहाँ कम्पनी का खान एवं परिशोधन संकुल अवस्थित है। ₹9 करोड़ की यह परियोजना कम्पनी की निगम सामाजिक उत्तरदायित्व भुजा, नालको फाउण्डेशन के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। यह फाउण्डेशन ने एक परीक्षणात्मक परियोजना के रूप में 2 गाँवों में 30 सौर स्ट्रीट लाईटें स्थापित कर चुका है।


साथ ही, नालको को स्थानीय सरपंचों, विधायकों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से दामनजोड़ी और पोट्टांगी के आसपास के गाँवों में आनुषंगिक सुविधाओं के विकास की बाबत विभिन्न परियोजनाएँ हाथ में लेने के लिए प्रस्ताव भी मिले हैं। इस दिशा में, प्रथम चरण में, नालको ₹15.83 करोड़ की लागत से 49 परियोजनाओं के कार्यान्वयन की योजना बना रही है। द्वितीय चरण में, ₹24.33 करोड़ की अनुमानित लागत से 32 परियोजनाएँ कार्यान्वित होंगी।


दामनजोड़ी क्षेत्र में परियोजना से क्षतिग्रस्त व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में, नालको ने उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। यह कम्पनी ने सभी 600 भूमि विस्थापित व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया है, नामांकिती के अभाव में सिर्फ एक बाकी है। एक और कदम आगे बढ़कर, इस कम्पनी ने अब 235 बहुत क्षतिग्रस्त व्यक्तियों को चिह्नित किया है, जिनको इस क्षेत्र में नालको की परियोजना के लिए एक-तिहाई से या इससे अधिक भूमि की हानि हुई है। जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित परिवारों के नामितियों की सूची प्रस्तुत की जा रही है। अभी तक नामित किए गए नामों में से, 3 व्यक्तियों को कम्पनी में नियुक्ति दी जा चुकी है और शेष नामितियों को रोजगार दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।


भारत सरकार के स्वच्छ भारत और स्वच्छ विद्यालय अभियान के कार्यान्वयन में भी नालको एक सक्रिय साझेदार बनकर स्वयं को प्रमाणित भी कर चुकी है। कम्पनी ने ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के 224 स्कूलों में 473 शौचालयों का निर्माण करवाया है, जिसमें से 172 शौचालय कोरापुट जिले के 85 स्कूलों बनाए गए।


नालको ने कोरापुट जिला के 655 बच्चों को कलिंग इन्स्टीच्यूट ऑफ सोसियल साईन्सेस, भुवनेश्वर, के.डी.एफ. मॉडल स्कूल, जयपुर और विकास विद्यालय, कोरापुट में आवासीय शिक्षा के लिए प्रायोजित किया है। 2016-17 के दौरान, दामनजोड़ी और पोट्टांगी के परिधीय गाँवों के 100 और विद्यार्थियों को प्रायोजित किया जाएगा।


स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में, अपने निजी अस्पताल के साथ ही, यह कम्पनी दामनजोड़ी क्षेत्र में 163 परिधीय गाँवों और आसपास की पल्लियों में निःशुल्क रूप से मुम्बई के वोखार्ट फाउण्डेशन के सहयोग से नालको फाउण्डेशन के माध्यम से 4 मोबाईल स्वास्थ्य एकक प्रचालित करती है। एक और कदम आगे बढ़कर, ने कम्पनी ने 2016-17 के दौरान पोट्टांगी के 36 परिधीय गाँवों के लिए एक अतिरिक्त मोबाईल स्वास्थ्य एकक आरम्भ करने की योजना बनाई है।

नालको को इण्डिया प्राईड पुरस्कार मिला


भुवनेश्वर,05.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., को वर्ष 2015-16 के लिए नि.सा.उ., पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए दैनिक भास्कर समूह द्वारा संस्थापित प्रतिष्ठापूर्ण इण्डिया प्राईड पुरस्कार मिला है। कम्पनी की ओर से, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, ने नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित इण्डिया प्राईड पुरस्कारों के 7वें संस्करण के समारोह के दौरान केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मन्त्री श्री रवि शंकर प्रसाद के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री एम॰ वेंकैय्या नायडु, शहरी विकास, केन्द्रीय आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन और संसदीय मामले मन्त्री और श्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि मन्त्री ने समारोह की शोभा बढ़ाई।


यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्र निर्माण में विशेषकर सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों) द्वारा, सार्वजनिक सेवाओं में किए गए योगदान एवं उत्कृष्टता उपलब्धि के लिए एक सम्मान के रूप में इण्डिया प्राईड पुरस्कार संस्थापित किए गए हैं। ये पुरस्कार उत्कृष्टता के विभिन्न क्षेत्रों में सन् 2009 से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को दिए जाते रहे हैं।


"कम्पनी अधिनियम, 2013 में चिह्नित सभी बल दिए जानेवाले क्षेत्रों में नालको कार्यरत है। यह कम्पनी समानुभूतिक कल्याण और निगम सामाजिक उत्तरदायित्व उपायों के माध्यम से अपनी पुष्ट मानवीय सूरत को सामने लाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है", पुरस्कार प्राप्त करने पर डॉ. तपन कुमार चान्द ने कहा।


नालको ने हाल ही में भारत सरकार की "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" कार्यक्रम के अधीन "नालको की लाड़ली" योजना चलाई है जिसका लक्ष्य ओड़िशा में अनुगुळ और दामनजोड़ी में अवस्थित कम्पनी के उत्पादन एककों के परिधीय स्कूलों में पढ़नेवाली गरीबी की सीमारेखा से नीचे के परिवारों की गुणवान लड़कियों को प्रोत्साहित करना है। इसके पूर्व, यह कम्पनी स्वच्छ भारत और स्वच्छ विद्यालय अभियान के कार्यान्वयन में एक सक्रिय साझेदार बनकर स्वयं को प्रमाणित भी कर चुकी है। नालको ने ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के 206 स्कूलों में 433 शौचालयों का निर्माण किया है। और फिर, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रथम उपक्रम के रूप में, नालको ने खनन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और राष्ट्रीय कौशल विकास निधि के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इस कम्पनी ने इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व के बजट के 5% की वचनबद्धता की है। साथ ही नालको, कौशल विकास मंत्रालय के सहयोग से पूर्वी भारत में कौशल विकास के लिए एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की प्रक्रिया में कार्यरत है।


साथ ही, नालको के सभी उत्पादन एकक शून्य बहिःस्राव विसर्जन के साथ पर्यावरण प्रबन्धन मानकों के अनुरक्षण के लिए आई.एस.ओ.-14001 मानकों से प्रमाणित हैं। कम्पनी ने अब तक अपने प्रचालन एककों के परिधीय इलाकों में 78 लाख से अधिक वृक्षारोपण किए हैं।

ओड़िशा के समकालीन इतिहास लेखन में नालको मदद करेगी: डॉ॰ चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक


भुवनेश्वर,04.04.2016 : इतिहासकारों ने ओड़िशा के प्राचीन इतिहास के रिकार्ड बनाए हैं, किन्तु जब राज्य के आधुनिक और समकालीन इतिहास की बात उठती है, काफी कुछ किया जाना बाकी है। इस सन्दर्भ में, एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, "ओड़िशा के समकालीन इतिहास के वृत्तान्त लेखन में नालको मदद करने की इच्छुक है," डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने घोषणा की। वे रविवार को उत्कल विश्वविद्यालय के प्रथम इतिहास भूतपूर्व छात्रों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।


प्रो॰ मन्मथ नाथ दास, प्रो॰ करुणा सागर बेहेरा, प्रो॰ अतुल प्रधान और प्रो॰ हिमांशु शेखर पटनायक जैसे महान इतिहासकारों का उदाहरण देते हुए डॉ॰ चान्द ने उल्लेख किया कि इतिहास के विद्यार्थी में एक समसामयिक संकाय शक्ति, एक विश्लेषण क्षमता और समग्रतः भविष्य के निर्देशन सेवा की क्षमता होती है। "यह इतिहास के विद्यार्थियों का कर्त्तव्य है कि वे ओड़िशा की छवि को बदलें," डॉ॰ चान्द ने आग्रह किया।


आरम्भ में, प्रो॰ अमल मिश्र, इतिहास विभागाध्यक्ष, उत्कल विश्वविद्यालय ने स्वागत भाषण दिया। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, प्रो॰ बसन्त मल्लिक, प्रो॰ (सेवानिवृत्त) के.एम॰ पात्र और प्रो॰ रञ्जन बळ, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर परिषद, उत्कल विश्वविद्यालय ने सुस्थापित भूतपूर्व छात्रों, वर्तमान और पूर्व संकाय सदस्यों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की सभा को सम्बोधित किया। अपने भाषण में, प्रसिद्ध वक्ताओं ने मत व्यक्त किया कि इतिहास जैसे मानविकी विषयों ने निगम विश्व के विभिन्न उपाधि-स्तरों में गृह-वापसी का मंचन किया है। उन्होंने डॉ॰ तपन कुमार चान्द का उदाहरण दिया, जो आज नालको जैसे एक नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. के नेतृत्व सम्भाले हुए हैं। इस अवसर पर डॉ॰ चान्द का अभिनन्दन भी किया गया।


बैठक के पश्चात् प्रो॰ (सेवानिवृत्त) के.एम॰ पात्र को अध्यक्ष रूप में, प्रो॰ अमल मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष, डॉ॰ हेमन्त महापात्र, उपाध्यक्ष, प्रो॰ बसन्त मल्लिक, महासचिव, डॉ॰ सन्तोष सेठी, संयुक्त सचिव और डॉ॰ अमीय महान्ति, कोषाध्यक्ष के रूप मनोनयन के साथ भूतपूर्व छात्रसंघ का गठन हुआ। डॉ॰ तपन कुमार चान्द को भी सर्व-सम्मति से इतिहास भूतपूर्व छात्र संघ के सलाहकार के रूप में चुना गया।

नालको महिला समिति द्वारा विशाल उत्सव मेला


भुवनेश्वर,04.04.2016 : रविवार को नालकोनगर, भुवनेश्वर में नालको महिला समिति द्वारा विशाल उत्सव मेले का आयोजन किया गया। "ऐसे हर्षोल्लास की गतिविधियों के माध्यम से, हम वर्तमान तनावग्रस्त समाज को केवल शान्त ही नहीं करते, बल्कि पिछड़े और सुविधाओं से वंचित के दुख-दर्द को हल्का करने के लिए निधि सृजित करते हैं", श्रीमति प्रीति रॉय, नालको महिला समिति की अध्यक्ष ने कहा।


मुख्य अतिथि डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने मेले का उद्घाटन किया और समिति द्वारा की गई पहलकदमी की सराहना की। श्रीमती तृप्ति दाश, सचिव, नालको महिला समिति ने श्रीमती मानसी महान्ति, श्रीमती मानसी सामल और अन्य के साथ उन्हें विभिन्न स्टॉल का परिदर्शन कराया। मेले का मुख्य आकर्षण चारों ओर खेलकूद, संगीत और शानदार भोजन के स्टॉल थे।

नालको ने अबतक का सर्वोच्च बॉक्साइट और एल्यूमिना उत्पादन रिकार्ड किया, अपने 2015-16 का भौतिक कार्य-निष्पादन परिणाम घोषित किए


भुवनेश्वर,02.04.2016 : ऐसे समय में जब विश्वभर की 70% एल्यूमिनियम कम्पनियों को हानि पहुँचने की रिपोर्ट है और मन्दे अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के कारण एल्यूमिनियम उद्योग भारी दबाव में चल रहा है, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार का एक लोक उद्यम, विशेषकर धातु उत्पादन में, लागत में कमी करने के अनेक उपायों को लागू करने के साथ साथ अपने बॉक्साइट खनन और एल्यूमिना परिशोधन संकुल पर अधिक ध्यान केन्द्रित करके गिरते हुए बाजार को सफलतापूर्वक सम्भाल कर सदा फायदेमन्द बने रहा।


इस प्रक्रिया में, एल्यूमिनियम प्रमुख ने वित्त वर्ष 2015-16 में अब तक सर्वोच्च 63,40,142 टन बॉक्साइट तथा 19,53,000 टन एल्यूमिना का उत्पादन किया, जो पिछले वित्तवर्ष के तदनुरूपी आँकड़ों से क्रमशः 10.47% और अर्थात् 5.51% अधिक है।


"ये कम्पनी के आरम्भ से अबतक के सर्वोच्च उत्पादन के आँकड़े हैं", डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने शुक्रवार को यहाँ उत्कल दिवस समारोह के अवसर पर (अगल ओड़िशा प्रान्त का गठन 80 वर्ष पूर्व हुआ था) घोषित किया। इस उपलब्ध को ओड़िशा की जनता को समर्पित करते हुए, डॉ॰ चान्द ने कहा: "शायद यह इस राज्य को सर्वश्रेष्ठ संभव श्रद्धाञ्जलि है, जहाँ 1981 में नालको का जन्म हुआ और बड़ी हुई।


इस नवरत्‍न लोक उद्यम ने 3,72,183 टन धातु का भी उत्पादन किया जो पिछले वित्त वर्ष की तदनुरूपी आँकड़ों की तुलना में 13.79% की वृद्धि दर्ज करता है, जिसमें 1,01,380 टन तार-छड़ों का अब तक का सर्वोच्च उत्पादन शामिल है।


पिछले वर्ष के साथ तुलना में इस वर्ष के दौरान, धातु बिक्री 14.21% बढ़कर 3,72,424 टन तक की हुई और विद्युत सृजन 13.84% बढ़कर 5841 मिलियन एकक हुआ।


यह भी हर्ष की बात है कि कोरापुट जिले में कम्पनी की पंचपटमाली बॉक्साइट खान के दक्षिणी ब्लॉक और केन्द्रीय एवं उत्तरी ब्लॉक का खनन पट्टा ओड़िशा सरकार द्वारा मार्च 2020 तक बढ़ा दिया गया, जो अब तक मानित विस्तार के अधीन प्रचालित थी।

 

नालको ने उत्कल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों और साहित्यकार का अभिनन्दन किया।


भुवनेश्वर,02.04.2016 : भुवनेश्वर में उत्कल दिवस समारोह के उपलक्ष्य में, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने ओड़िशा के दो उदीयमान खिलाड़ियों यथा- भारोत्तोलन के लिए कुमारी सरस्वती राउत और खो-खो के लिए कुमारी मन्दाकिनी माझी अभिनन्दन किया। प्रत्येक को एक ट्रॉफी और ₹20,000/- की राशि प्रदान की गई। नालको के श्री अमेयविक्रम नन्दन भूयाँ को उनकी दो दशकों से अधिक के साहित्यिक योगदान के लिए भी अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर सभी निदेशकगण और नालको महिला समिति की अध्यक्ष उपस्थित थे।