नालको का 42वीं वार्षिक साधारण बैठक

calender21/09/2023
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  • 2022-23 के दौरान ₹918.32 करोड़ का लाभांश भुगतान, जो वर्तमान चालू वित्त वर्ष के कर पश्चात लाभ का 59.48% है।
  • वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान अब तक का सर्वोच्च धातु बिक्री
  • उत्कल – डी कोल ब्लॉक का परिचालन आरम्भ, उत्कल-ई कोल ब्लॉक तथा पोट्टांगी बॉक्साइट खान का शीघ्र ही परिचालन
  • वित्त वर्ष 2021-22 हेतु लोक उद्यम विभाग, भारत सरकार से उत्कृष्ट समझौता ज्ञापन रेटिंग

भुवनेश्वर, 21/09/2023:

वर्चुअल मोड के माध्यम से आज आयोजित 42वें वार्षिक साधारण बैठक में, भारत सरकार, खान मंत्रालय के तहत नवरत्न लोक उद्यम नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के शेयरधारकों ने 14,171 करोड़ रुपये के बिक्री कारोबार, 1,544 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ और 4,217 करोड़ रुपये के निर्यात कारोबार के साथ 2022-23 के वार्षिक खातों को मंजूरी दी। उन्होंने 20% यानी ₹ 1 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश को भी मंजूरी दी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व में कंपनी ने वित्त वर्ष 22-23 के दौरान ₹ 918.32 करोड़ लाभांश भुगतान किया था।

वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, प्रमुख एल्यूमिनियम उत्पादक नालको ने अब तक का सर्वाधिक बॉक्साइट उत्खनन हासिल करते हुए 21.0 लाख टन की मानक क्षमता के मुकाबले 101.1% क्षमता उपयोग करते हुए 21.23 लाख टन एल्यूमिना हाइड्रेट का उत्पादन प्राप्त किया।

इसी प्रकार, बिक्री के मोर्चे पर, नालको ने अब तक का सर्वाधिक 4.64 लाख टन धातु बिक्री हासिल किया, जिसमें अब तक की सर्वाधिक घरेलू धातु बिक्री भी शामिल है। यद्यपि संयंत्र 40 वर्ष से अधिक पुराना हो चुका है, तथापि उचित रखरखाव व देखभाल के चलते वे अपनी मानक क्षमता के 100% पर परिचालित हुए।

इस अवसर पर कंपनी के शेयरधारको को सम्बोधित करते हुए, श्री श्रीधर पात्र, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नालको ने शेयरधारको के विश्वास तथा समग्र नालको अब तक के उच्चतम उत्पादन और उल्लेखनीय राजस्व आंकड़े हासिल करने के लिए शेयरधारकों के विश्वास और समग्र नालको  के अथक समर्थन की सराहना की। श्री पात्र ने आगे कहा कि उच्च इनपुट लागत, कारोबारी माहौल में अस्थिरता के साथ-साथ वैश्विक मांग-आपूर्ति की गतिशीलता ने नालको के लाभ मार्जिन को प्रभावित करने के बावजूद कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 में कई मोर्चों पर वृद्धि दर्ज की है।

एल्यूमिनियम मूल्य श्रृंखला में आत्मनिर्भरता के लिए अपनी सुनियोजित रणनीतियों के साथ नालको हमारे देश की प्रगति में भागीदार बनने में हमेशा अग्रणी रहा है। इसे दुनिया में बॉक्साइट और एल्यूमिना का सबसे कम लागत वाला उत्पादक होने का गौरव हासिल है। श्री पात्र ने कहा कि कंपनी का जोर अब 5वीं धारा परिशोधक परियोजना को शीघ्र पूरा करने और पोट्टांगी बॉक्साइट खदानों के विकास और ओडिशा में आवंटित शेष कोयला ब्लॉक के परिचालन पर है।

नालको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने आगे कहा कि नालको के कार्यबल ने अनुकरणीय समर्पण और प्रतिबद्धता की भावना का प्रदर्शन किया, जिससे कंपनी को असाधारण प्रदर्शन हासिल करने में मदद मिली। हमारा लक्ष्य एक स्थायी व्यवसाय सुनिश्चित करना है, जो देश की समग्र प्रगति और समाज के समावेशी विकास में योगदान देता है और हमारे हितधारकों को दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करता है।