भारत के काबिल और अर्जेंटिना के कैमयेन एसई ने लिथियम के खनन और अन्वेषण के लिए पहली बार ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए

calender15/01/2024
Union Mines Minister Shri Joshi
signing of the agreement

कैटामार्का (अर्जेंटिना)/ भुवनेश्वर, 15.01.2024: खान मंत्रालय, भारत सरकार भारत सरकार को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आज कैटामार्का, अर्जेंटीना में खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड ने अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत के राज्य स्वामित्व वाले  कैटामार्का मिनेरा वाई एनर्जेटिका सोसिएडैड डेल एस्टाडो (कैमयेन एसई) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

कैटामार्का के माननीय गवर्नर एलआईसी राउल जलील,  कैटामार्का के माननीय उप-गवर्नर, इंजी. रूबेन डूसो और माननीय खान मंत्री कैटामार्का, महामहिम मार्सेलो मुरुआ और अर्जेंटीना में भारत के राजदूत, महामहिम दिनेश भाटिया की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। हस्ताक्षर समारोह में माननीय केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री, भारत सरकार, महामहिम श्री प्रल्हाद जोशी और सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार, श्री वीएल कांथा राव ने वर्चुअल रूप से भाग लिया। काबिल के अध्यक्ष और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नालको श्री श्रीधर पात्र और काबिल के मुख्य कार्यकारी आधिकारी तथा नालको के निदेशक (वाणिज्यिक) श्री सदाशिव सामंतराय हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “यह भारत और अर्जेंटीना दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि हम काबिल और कैमयेन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर के साथ द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय लिख रहे हैं – एक ऐसा कदम जो न केवल संधारणीय भविष्य के लिए ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए, बल्कि भारत में विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए एक सुगम और विविध आपूर्ति श्रृंखला भी सुनिश्चित करेगा।”

यह भारत की किसी सरकारी कंपनी द्वारा पहली लिथियम अन्वेषण और खनन परियोजना है। काबिल अर्जेंटिना के कैटामार्का प्रांत के लगभग 15,703 हेक्टेयर क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए 5 लिथियम ब्राइन ब्लॉकों अर्थात 1. कार्टाडेरा -I, 2. कार्टाडेरा -VII, 3. कार्टाडेरा -VIII, 4. कैटियो -2022-01810132 और 5. कार्टाडेरा -VI का अन्वेषण और विकास शुरू करेगा। काबिल कैटामार्का, अर्जेंटीना में एक शाखा कार्यालय स्थापित करने की भी तैयारी कर रहा है। प्रोजेक्ट की लागत करीब 200 करोड़ रुपये है।

इस समझौते के साथ, काबिल ने मूल्यांकन, संभावना और अन्वेषण हेतु 5 ब्लॉकों के लिए अन्वेषण और विशिष्टता अधिकार प्राप्त किया है और लिथियम खनिज के अस्तित्व/खोज के बाद, वाणिज्यिक उत्पादन का अधिकार प्राप्त किया है। इससे न केवल भारत के लिए लिथियम के स्रोत की खोज को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ब्राइन प्रकार के लिथियम अन्वेषण, प्रयोग और निष्कर्षण के लिए तकनीकी और परिचालन अनुभव लाने में भी मदद मिलेगी।

दुनिया भर में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज हेतु  संयुक्त उद्यम कंपनी काबिल की स्थापना तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नालको), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) और मिनरल एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (एमईसीएल) की भागीदारी से की गई है। जिसमें मुख्य भागेदार नवरत्न लोक उद्यम नालको है। यह महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर महत्वपूर्ण कदम है।

विश्व के कुल लिथियम संसाधनों के आधे से अधिक के साथ अर्जेंटीना चिली और बोलीविया के साथ “लिथियम त्रिभुज” का हिस्सा है और इसे विश्व में दूसरे सबसे बड़े लिथियम संसाधन, तीसरे सबसे बड़े लिथियम भंडार और चौथा सबसे बड़ा उत्पादन होने का गौरव प्राप्त है।

यह रणनीतिक कदम न केवल भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि खनन क्षेत्र के सतत विकास में भी योगदान देगा,  जिससे विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए एक सुगम और विविध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित होती है।