03/12/2025
अनुगुल, दामनजोड़ी और भुवनेश्वर में आयोजित सहायक उपकरण शिविरों से 400 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित होंगे
भुवनेश्वर, 03/12/2025: दिव्यांगजन (PwDs) को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको), जो भारत सरकार के खान मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न उपक्रम है, ने अनुगुल, दामनजोड़ी और भुवनेश्वर में अपने सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत, सहायक उपकरण वितरण शिविरों की श्रृंखला का आयोजन किया। विश्व दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस पहल का उद्देश्य कंपनी के परिचालन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले दिव्यांगजनों की गतिशीलता, स्वावलंबन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
सहायक उपकरण वितरण शिविरों की इस श्रृंखला की शुरुआत नालको के प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल, अनुगुल से हुई, जहाँ श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको द्वारा, डॉ. तापस कुमार पट्टनायक, निदेशक (मानव संसाधन) और श्री पंकज कुमार शर्मा, निदेशक (उत्पादन) की उपस्थिति में लाभार्थियों को उपकरण प्रदान करने के साथ हुई। इस अवसर पर संकुल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री सिंह ने समावेशी विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि नालको समाज के कमजोर वर्गों को सार्थक और प्रभावी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से सशक्त बनाने पर निरंतर विशेष ध्यान देता आया है।
भुवनेश्वर में भीमा भोई सरकारी उच्च विद्यालय में आयोजित शिविर में दृष्टिबाधित 76 विद्यार्थियों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इस अवसर पर श्री जगदीश अरोड़ा, निदेशक (पी एंड टी), श्री अभय कुमार बेहूरिया, निदेशक (वित्त), तथा नालको एवं नालको फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसी प्रकार, खान एवं संशोधन संकुल, दामनजोड़ी में आज 40 लाभार्थियों को 83 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि लगभग 200 दामनजोड़ी परिधीय गाँवों के कुल 189 लाभार्थियों को गतिशीलता सहायता उपकरण प्रदान किए जाएंगे, जिनमें से चार लाभार्थियों को कृत्रिम अंग दिए जाएंगे, जिससे उनकी गतिशीलता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कंपनी के सीएसआर शाखा– नालको फाउंडेशन, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से और ओडिशा सरकार के संबंधित जिला प्रशासन के समर्थन से 687 सहायक उपकरणों के वितरण को सुगम बना रही है। इनमें बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, स्क्रीन-रीडिंग सुविधा वाले स्मार्टफ़ोन, सुगम्य छड़ियाँ और अन्य गतिशीलता सहायता उपकरण शामिल हैं। कुल मिलाकर, अनुगुल के 44 परिधीय गाँवों के 400 से अधिक लाभार्थी, दामनजोड़ी के आसपास के 200 गाँवों के लाभार्थी और भुवनेश्वर के दृष्टिबाधित छात्र इस पहल के अंतर्गत शामिल किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नालको ने एलिम्को के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके माध्यम से दिव्यांगजन/पीडब्ल्यूडी की पहचान कर उन्हें उपयुक्त सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे अभिगम्यता, गरिमा और दीर्घकालिक सामुदायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे सतत् पहलों के माध्यम से नालको अपने परिचालन क्षेत्रों में एक समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी एलिम्को प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ करता रहा है।