30/04/2026
भुवनेश्वर, 30.04.2026: भारत सरकार के खान मंत्रालय के तहत एक नवरत्न लोक उद्यम, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ने एक बार फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए वित्त वर्ष 26 में अब तक का सबसे बेहतरीन वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन किया है, जो पिछले साल हासिल किए गए अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से भी बेहतर है।
निदेशक मंडल की आज आयोजित बैठक में अनुमोदित लेखा-परीक्षित वित्तीय परिणामों के अनुसार, नालको ने ₹5816 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ (कर पश्चात लाभ) दर्ज करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के ₹5325 करोड़ के शुद्ध लाभ की तुलना में 9.22% की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने वित्त वर्ष 26 के लिए पिछले वर्ष के ₹16788 करोड़ के परिचालन से अब तक का सबसे अधिक राजस्व के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए ₹17843 करोड़ दर्ज किया है।
वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में, कंपनी ने ₹1718 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1601 करोड़ था, जो 7.3% की वृद्धि दर्शाता है। इस तिमाही के दौरान परिचालन से राजस्व ₹5103 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 26 की पिछली तिमाही में यह ₹4731 करोड़ था।
यह शानदार प्रदर्शन उत्पादन की अधिक मात्रा और सभी व्यावसायिक इकाइयों में बढ़ी हुई परिचालन दक्षता के कारण संभव हुआ, जो एक गतिशील बाजार परिवेश में कंपनी के लचीलेपन को उजागर करता है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 26 में, नालको ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बेहतरीन परिचालन प्रदर्शन भी हासिल किया, और उत्पादन तथा बिक्री दोनों क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड स्थापित किए।
कंपनी ने बॉक्साइट उत्पादन में अब तक का सबसे अधिक 77.01 लाख टन और बॉक्साइट परिवहन में 77.07 लाख टन का रिकॉर्ड दर्ज किया। एल्युमिना हाइड्रेट का उत्पादन 23.00 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि कैलकाइंड एल्युमिना का उत्पादन 22.75 लाख टन रहा। स्मेल्टर उत्पादन अब तक के स्तर 4.72 लाख टन तक पहुंचा, इसके साथ ही 6,953 एमयू का रिकॉर्ड शुद्ध विद्युत उत्पादन और 40 लाख टन कोयला उत्पादन भी दर्ज किया गया। बिक्री के मामले में, नालको ने अपने अब तक के सबसे बड़े घरेलू एल्युमिनियम बिक्री 14.46 लाख टन तक पहुंचाई, जिसमें 1.38 लाख टन घरेलू एल्युमिनियम धातु शामिल है। एल्युमिनियम धातु की बिक्री 4.74 लाख टन रही, जिसमें अब तक की सबसे ज्यादा घरेलू धातु बिक्री 4.61 लाख टन शामिल है।
अधिक उत्पादन मात्रा, अनुकूल कीमतों, और सुदृढ़ परिचालन अनुशासन के साथ बाजार के अवसरों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने की हमारी क्षमता ने इस शानदार प्रदर्शन को संभव बनाया है। श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने इस अवसर पर कहा कि मानव, मशीन और मशीनिंग पर हमारे निरंतर ध्यान से अपने लक्ष्यों को पार करने में सक्षम बनाता है।
उन्होंने आगे कहा, “यह उपलब्धि हमारे प्रेरित कर्मचारियों के समर्पण को दर्शाती है, जिसे दक्षता और लागत को कम करने पर जोर देने के साथ-साथ खान मंत्रालय, भारत सरकार और ओडिशा सरकार के निरंतर सहयोग, समर्थन तथा मार्गदर्शन मिला है।”
श्री सिंह ने रणनीतिक विस्तार और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से दीर्घकालिक, संतुलनशील विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को भी दोहराया, जो मजबूत विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा और नालको की स्थिति को और मजबूत करेगा।
कंपनी ने वित्त वर्ष 26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 2 रुपये (प्रत्येक 5 रुपये के अंकित मूल्य पर 40%) का द्वितीय अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जिसकी कुल राशि ₹ 367.33 करोड़ है।