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नालको “स्माइल” पुरस्कार 2020 के लिए आमंत्रित आवेदन 19/12/2019     | नालको “खारवेल” पुरस्कार 2020 के लिए आमंत्रित आवेदन 19/12/2019     | नालको “कालिदास” पुरस्कार 2020 के लिए आमंत्रित आवेदन 19/12/2019     | शुद्धिपत्र ” नाल्को के साथ प्रौद्योगिकी का अनुसंधान एवं विकास सहयोग / व्यावसायीकरण” 22/10/2019     | नाल्को के साथ प्रौद्योगिकी का अनुसंधान एवं विकास सहयोग / व्यावसायीकरण 30/09/2019     | नाल्को में नवीकरणीय ऊर्जा पर कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए रुचि की अभिव्यक्ति 21/09/2019     | आज माननीय खान मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी की उपस्थिति में संयुक्त उद्यम खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) का समझौता खान मंत्रालय के अंतर्गत नालको, एचसीएल और एमईसीएल द्वारा किया गया | 01/08/2019     | नालको के लिए वर्ष का नवरत्न पुरस्कार 14/06/2019     | 2019-20 के लिए लागत और कार्य लेखा परीक्षक की नियुक्ति 31/05/2019     | 31.03.2019 को समाप्त वर्ष के लिए अंकेक्षित वित्तीय परिणाम 30/05/2019     | Recruitment Advertisement of PESB for the post of Director (HR) 02/05/2019     | 2019-20 के लिए PRMBS योगदान का संशोधन 02/04/2019     | अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों से विक्रेता पंजीकरण के लिए बुलावा 24/01/2019     | कें.सा.क्षे.उ. इंटरनेट के लिए समन्वय ज्ञान प्रबंधन पोर्टल के बारे में जानकारी 10/08/2018     | सार्वजनिक सूचना 26/01/2018     | ज्ञानालोक – अपना रचनात्मक कौशल प्रदर्शित करें और पुरस्कार पाएँ 25/07/2018     |

आजीविका बढ़ानेवाली परियोजनाएँ

कौशल विकाश प्रशिक्षण नियमित रूप से दिया जा रहा है, जिससे रोजगार पैदा हो सकते हैं। प्रशिक्षण कायबमों र् में से कुछ उल्लेखनीय हैंयथा- सौंदय-प्रसाधन पाठ्यबम, भोजन और पोषण, सिलाई, मोटर वाइंडिंग, पंप मरम्मत इत्यादि । नालको रोजगार पाने में प्रशिक्षओ की सहायता कर रही है। नालको एक कौशल विकाश केंद्र की स्थापना के लिए सक्रिय रूप से विचार कर रही है। उत्कल विश्वविद्यालय में एक कौशल विकाश ऊंमायन केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।

नालको ने कृषि तकनीकों का उन्नयन, बड़े पैमाने पर सब्जी खेती को प्रोत्साहित करने और पिरधीय क्षेत्रों में वनीकरण कायबमर् को सदृढ़ु करने के लिए महत्वपूणर् योगदान दिया है। मामीणों को उवरकर् , कीटनाशक और प्रशिक्षण, नि: शुल्क प्रदान किया जाता है।

भूमि विथापीत पिरवारों को वक्षारोपण के लिए आम, अमरूद, नींबू और कटहल जैसे फलदार पौधे प्रदान किए गए हैं। सिब्जयों के बीज और पौधों की आपूर्ति भी की जाती है। इसके अलावा, सामाजिक वन योजना के तहत प्रभाबीत क्षेत्रों में पौधे लगाए गए हैं। आदिवासी मामीणों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, कृषि-मेलों का समय-समय पर आयोजन किया जाता है।

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