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शुद्धिपत्र ” नाल्को के साथ प्रौद्योगिकी का अनुसंधान एवं विकास सहयोग / व्यावसायीकरण” 22/10/2019     | नाल्को के साथ प्रौद्योगिकी का अनुसंधान एवं विकास सहयोग / व्यावसायीकरण 30/09/2019     | नाल्को में नवीकरणीय ऊर्जा पर कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए रुचि की अभिव्यक्ति 21/09/2019     | आज माननीय खान मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी की उपस्थिति में संयुक्त उद्यम खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) का समझौता खान मंत्रालय के अंतर्गत नालको, एचसीएल और एमईसीएल द्वारा किया गया | 01/08/2019     | नालको के लिए वर्ष का नवरत्न पुरस्कार 14/06/2019     | 2019-20 के लिए लागत और कार्य लेखा परीक्षक की नियुक्ति 31/05/2019     | 31.03.2019 को समाप्त वर्ष के लिए अंकेक्षित वित्तीय परिणाम 30/05/2019     | Recruitment Advertisement of PESB for the post of Director (HR) 02/05/2019     | 2019-20 के लिए PRMBS योगदान का संशोधन 02/04/2019     | अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों से विक्रेता पंजीकरण के लिए बुलावा 24/01/2019     | कें.सा.क्षे.उ. इंटरनेट के लिए समन्वय ज्ञान प्रबंधन पोर्टल के बारे में जानकारी 10/08/2018     | सार्वजनिक सूचना 26/01/2018     | ज्ञानालोक – अपना रचनात्मक कौशल प्रदर्शित करें और पुरस्कार पाएँ 25/07/2018     |

पर्यावरण प्रबन्धन

अपने संस्थापन काल से ही नालको ने प्रदूषण नियन्त्रण एवं प्रभावी पर्यावरण प्रबन्धन हेतु उपयुक्त कदम उठाए हैं। नालको के प्रौद्योगिकी सहयोगी एल्यूमिनियम पेशिनी (ए.पी.), फ्रांस ने यूरोप में प्रचलित कठोर प्रदूषण नियन्त्रण मानकों के प्रति अपने गहन अनुभव के साथ पर्यावरण अनुकूल तकनीकी को सुनिश्चित किया है।

भारत में पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरुकता एवं सख्त और सांविधिक नियमों के गठन के चलते नालको ने अपने उत्पादन शुरू करने से पहले ही सभी सांविधिक पारितियाँ उपलब्ध कर ली थी।

अनुमोदित ई.एम.पी. का सख्ती से अनुपालन और निरन्तर प्रबोधन से नालको को पर्यावरण प्रबन्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने में मदद मिली है।

वनीकरण एवं बंजर भूमि के विकास के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिये कम्पनी ने पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय से वर्ष 1994 के लिए इन्दिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार (आई.पी.वी.एम.) प्राप्त किया। कम्पनी के 960 मेगावाट के ग्रहीत ताप विद्युत संयंत्र ने भी पर्यावरण प्रबन्धन क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के चलते वर्ष 2000 के लिये पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय, भारत सरकार से इन्दिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार प्राप्त किया। इसके साथ-साथ, कम्पनी एवं इसके एककों को प्रदूषण नियन्त्रण, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबन्धन आदि क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता के लिये अनेक राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय एवं संस्थागत पुरस्कार मिले हैं।