निदेशक मण्डल

अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक

CMD Profile Picture

श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, वर्ष 1989 में आईआईटी धनबाद (पूर्व में आईएसएम धनबाद) से खनन मशीनरी इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा विपणन में एमबीए डिग्री धारक हैं। उन्होंने वर्ष 1989 में भिलाई स्टील संयंत्र (बीएसपी) की लौह अयस्क खदान में स्टील उद्योग में अपना करियर शुरू किया। उन्हें खानों और स्टील में 35 वर्षों से अधिक का उल्लेखनीय कार्य अनुभव है।

नालको में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल होने से पूर्व, श्री सिंह बर्नपुर और दुर्गापुर स्टील संयंत्र के प्रभारी निदेशक और सेल बोर्ड के सदस्य थे। उनके पास खनन परिचालन में उत्कृष्टता और सेल के चार एकीकृत स्टील संयंत्र अर्थात बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट), बीएसएल (बोकारो स्टील लिमिटेड), डीएसपी (दुर्गापुर स्टील प्लांट) और आईएसपी (आईआईएससीओ स्टील प्लांट) में प्रमुख पदों पर कार्य-अनुभव का एक अनूठा मिश्रण है।

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अंशकालिक आधिकारिक निदेशक

श्री संजय लोहिया, भा.प्र.से.

अंशकालिक आधिकारिक निदेशक

1994 बैच (असम मेघालय कैडर) के आईएएस अधिकारी श्री संजय लोहिया अक्टूबर, 2020 में खान मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर शामिल हुए और बाद में मार्च 2021 में अपर सचिव बने। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल हुए। खान मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर शामिल होने से पूर्व, वे असम सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर थे। उन्होंने असम सरकार में विभिन्न पदों पर काम किया। वे 2011 से 2016 के दौरान भारत सरकार में निदेशक, प्रधानमंत्री कार्यालय और संयुक्त सचिव, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। असम सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने वित्त, कृषि और शहरी विकास जैसे विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों पर काम किया तथा उनके पास व्यापक कार्य-अनुभव है। वे नालको की एक संयुक्त उद्यम कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) के बोर्ड में निदेशक भी हैं।

श्री लोहिया को 02.11.2024 से 08.01.2025 (पूर्वाह्न) तक नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के पद का कार्यभार भी सौंपा गया।

श्री विवेक कुमार बाजपेयी

अंशकालिक आधिकारिक निदेशक

श्री विवेक कुमार बाजपेयी 1999 बैच के भारतीय रेलवे सेवा यांत्रिक अभियांत्रिकी कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से यांत्रिक अभियांत्रिकी में बी.टेक की उपाधि ग्रहण की और रेलवे में विभिन्न पदों पर सेवाएँ प्रदान की। जिसमें सीओएफएमओडब्लयू में मुख्य परियोजना प्रबंधक के रूप में कार्य करना और विभिन्न रेलवे इकाइयों की स्वचालन, उन्नयन और क्षमता वृद्धि आवश्यकताओं से संबंधित टर्न-की परियोजनाओं का नेतृत्व करना शामिल है।

श्री बाजपेयी अप्रैल 2022 में प्रतिनियुक्ति पर वस्त्र मंत्रालय में शामिल हुए और हथकरघा योजनाओं के अखिल भारतीय कार्यान्वयन और हथकरघा श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न क्लस्टर-आधारित हस्तक्षेप की निगरानी की जिम्मेदारी के साथ अतिरिक्त विकास आयुक्त (हथकरघा) के रूप में कार्य किए।

वर्तमान में, श्री बाजपेयी भारत सरकार के खान मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में काम कर रहे हैं, जिसमें मंत्रालय के तहत सार्वजनिक उपक्रमों का प्रशासन, खनिजों और धातुओं के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) के तहत अन्वेषण गतिविधियों का समर्थन, मंत्रालय की मीडिया व्यस्तताएं, ओएएमडीआर अधिनियम आदि के प्रशासन से संबंधित कार्य शामिल हैं। श्री बाजपेयी 24.07.2024 से हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के बोर्ड में निदेशक और 13.09.2024 से भारत गोल्ड माइन्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी हैं।

कार्यात्मक निदेशक

श्री पंकज कुमार शर्मा

निदेशक (उत्पादन)

श्री पंकज कुमार शर्मा 01.02.2023 को निदेशक (उत्पादन) के रूप में नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के निदेशक मंडल में शामिल हुए। आपने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) से वर्ष 1992 में बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) में स्नातक किया और उसी वर्ष एनएमडीसी लिमिटेड में कार्यपालक प्रशिक्षु (इलेक्ट्रॉनिक्स) के रूप में शामिल हुए। आपके पास ओपन कास्ट माइनिंग इंडस्ट्री के सभी पहलुओं में कार्य करने का विविध और समृद्ध अनुभव है। एनएमडीसी लिमिटेड के साथ 30 से अधिक वर्षों के अपने सेवाकाल के दौरान आपने विभिन्न प्रमुख पदों पर चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। नालको में शामिल होने से पूर्व, आप एनएमडीसी लिमिटेड के प्रमुख – वैश्विक अन्वेषण केंद्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- एनएमडीसी सीएमडीसी लि. (एनएमडीसी लि. की एक संयुक्त उद्यम कंपनी) और बस्तर रेलवे प्राइवेट लिमिटेड (एनएमडीसी लिमिटेड की एक संयुक्त उद्यम कंपनी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। आपने न केवल एनएमडीसी लिमिटेड के परिचालित लौह अयस्क खानों के सतत विकास में अत्यधिक योगदान दिया है, बल्कि सहायक कंपनियों की आगामी परियोजनाओं में मील के पत्थर भी स्थापित किए हैं। आपके तकनीकी ज्ञान और रणनीतिक विशेषज्ञता से नालको को त्वरित विकास हासिल करने में मदद मिलेगी।

श्री जगदीश अरोड़ा

निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी)

श्री जगदीश अरोड़ा 11.10.2023 को नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड के निदेशक मंडल में निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) के रूप में शामिल हुए हैं। श्री अरोड़ा एक अनुभवी पेशेवर हैं जिनके पास धातु और खनन उद्योग की विविध व्यावसायिक प्रक्रियाओं का चौंतीस वर्षों से अधिक का ज्ञान है। उन्होंने एनआईटी, वारंगल से यांत्रिक अभियांत्रिकी में बी.टेक और एक्सएलआरआई, जमशेदपुर से पीजीडीबीएम (वित्त और विपणन) किया है। उन्होंने 1989 में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में प्रबंधन प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में अपना करियर शुरू किया और इन-हाउस इंजीनियरिंग और तकनीकी परियोजना परामर्श यूनिट, सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रभारी, कार्यकारी निदेशक के पद तक पहुंचे। नालको के निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) के रूप में कार्यभार संभालने से पूर्व आप सेल के 47,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की अभियांत्रिकी परामर्श संभाल रहे थे। आप सेल के आधुनिकीकरण, ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजनाओं से निकटता से जुड़े थे।

श्री अरोड़ा के पास परिचानल, तकनीकी प्रबंधन, अभियांत्रिकी, परियोजनाएँ, परामर्श एवं वाणिज्यिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अनुभव है। आपको भारतीय इस्पात उद्योग के लिए स्थिरता, डीकार्बोनाइजेशन, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल परिवर्तन और 2047 के लिए उद्योग रोडमैप के क्षेत्रों में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए मान्यता दी गई है। आप स्थिरता पर टेडेक्स वक्ता हैं।

श्री अरोड़ा ने कई कंपनीव्यापी प्रणालीगत सुधार परियोजनाओं का समन्वय और कार्यान्वयन किया है, डिजिटल परियोजना प्रबंधन, दस्तावेज़ों का इलैक्टानिकीकरण और ड्राइंग प्रबंधन प्रणाली, स्वीकार्य निर्माण प्रणाली, लागत अनुमान प्रणाली, बिजनेस इंटेलिजेंस मॉडल, मानक बोली दस्तावेज़, भर्ती मैनुअल आदि जैसी कई प्रणालियों और प्रक्रियाओं को आकार दिया है। आपको उद्योग जगत में एक विचारक के तौर पर जाना जाता है और साथ ही रणनीति, नेतृत्व, टीम निर्माण, समस्या समाधान और निर्णय लेने, बातचीत, वित्तीय प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों के आमंत्रित संकाय के रूप में पहचाना जाता है।

डॉ. तापस कुमार पट्टनायक

निदेशक (मानव संसाधन)

डॉ. तापस कुमार पट्टनायक 02.01.2025 को नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) के निदेशक मंडल में निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में शामिल हुए हैं। डॉ. पट्टनायक ने उत्कल विश्वविद्यालय से कार्मिक प्रबंधन और औद्योगिक संबंध में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री भी प्राप्त की है।

डॉ. पट्टनायक ने वर्ष 1991 में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। नालको में शामिल होने से पूर्व, वे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यरत थे। मानव संसाधन और औद्योगिक संबंध से संबंधित क्षेत्रों में उनके पास 3 दशकों से अधिक का विविध और समृद्ध कार्य अनुभव है।

श्री अभय कुमार बेहुरिया

निदेशक (वित्त)

महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में तीन दशकों से अधिक के अनुभव वाले वित्तीय नेतृत्वकर्ता, श्री अभय कुमार बेहुरिया ने खान, परियोजना वित्त और एकीकृत इस्पात संयंत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अपनी रणनीतिक अंतर्दृष्टि और परिचालन उत्कृष्टता के लिए ख्याति अर्जित करने के साथ ही उन्होंने सेल के विकास और लाभप्रदता में योगदान देते हुए महत्वपूर्ण वित्तीय सुधार और डिजिटल परिवर्तनों का नेतृत्व किया है।

नालको में कार्यभार ग्रहण करने से पहले, वे ₹28 हजार करोड़ के अनुमानित टर्नओवर के साथ सेल के एक प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्र, राउरकेला इस्पात संयंत्र में कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) के रूप में वित्तीय प्रचालन का नेतृत्व कर रहे थे।

सशक्त शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले श्री बेहुरिया उत्कल विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी बी. कॉम (ऑनर्स) हैं और भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के फेलो सदस्य हैं। आईसीएमएआई के बोर्ड ऑफ एडवांस्ड स्टडीज एंड रिसर्च से बिजनेस वैल्यूएशन में एक्जीक्यूटिव डिप्लोमा द्वारा उनकी विशेषज्ञता को और समृद्धि प्राप्त हुई है।

अपने असाधारण प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले श्री बेहुरिया को वर्ष 2013-14 के लिए प्रतिष्ठित जवाहर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने 7 एमटीपीए हासिल करने के लिए तालडीह लौह अयस्क खानों के लिए खान डेवलपर सह ऑपरेटर (एमडीओ) को शामिल करने के लिए योजना विकसित करने, रेलवे के साथ लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को हल करके गुआ अयस्क खानों में साइडिंग परियोजनाओं के निष्पादन की सुविधा प्रदान करने और सेल की परियोजनाओं के लिए मानक बोली दस्तावेजों को संशोधित करने जैसी रणनीतिक पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सेल उदय पहल के मुख्य सदस्य के रूप में, उन्होंने बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के सहयोग से कंपनी के कायापलट में योगदान दिया।

उनके प्रमुख योगदान में राउरकेला स्टील प्लांट की खानों में एसएपी का कार्यान्वयन, विक्रेता सूचना प्रणाली, फ़ाइल ट्रैकिंग और प्रसंस्करण, द्वितीयक बिक्री चालान स्वचालन और एक स्वचालित चालान प्रसंस्करण प्रणाली शामिल है। इन पहलों ने न केवल आरएसपी के डिजिटलीकरण प्रयासों को उन्नत किया है, बल्कि गति, प्रदर्शन और पारदर्शिता के मामले में कार्यस्थलों को भी बदल दिया है।

उन्होंने जटिल कानूनी और वित्तीय मुद्दों को हल करने, कंपनी के लिए पर्याप्त धन की वसूली करने और आपसी समझौते के माध्यम से ओडिशा राज्य सरकार से लंबे समय से लंबित बिजली शुल्क मांगों को निपटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में, राउरकेला स्टील प्लांट ने रिकॉर्ड-उच्च ईबीआईटीडीए और पीबीटी हासिल किया, चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों में भी लचीलापन प्रदर्शित किया। आरएसपी के वार्षिक लेखाओं और इसकी लेखा परीक्षा को प्रभावी ढंग से तैयार करने के परिणामस्वरूप लगातार तीसरे वर्ष शून्य नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सरकारी लेखा परीक्षा) लेखा परीक्षा टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं।

कर्मचारी विकास के एक मजबूत समर्थक, श्री बेहुरिया ने वित्त अधिकारियों के कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए “प्रयास” और “अधिगम” जैसे कार्यक्रम शुरू किए। इसके साथ ही, कार्यशालाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से कर्मचारियों के बीच लागत जागरूकता को बढ़ावा देने की उनकी पहल ने उत्पादन की लागत पर काफी सकारात्मक प्रभाव डाला है।
श्री बेहुरिया ने 11.06.2025 से नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड में निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।

श्री अनिल कुमार सिंह

निदेशक (वाणिज्यिक)

Shri Anil Kumar Singh is a graduate in Electronics and Telecommunication Engineering from BIT Sindri in the year 1990. He also acquired degree in GDMM, MBA (Materials Management) and PGDCA to focus greater insight into material management function. He started his career in the Materials Management Division at Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL), Visakhapatnam in the year 1990. He has a remarkable work experience of over 35 years in the Commercial division of the Metal Industry.

Before joining NALCO as Director(Commercial), Shri Singh was working as General Manager (Materials & Contracts) and I/c – HR at Hindustan Copper Limited, a CPSE under the Ministry of Mines.

Shri Singh’s strategic vision and deep industry expertise have been instrumental in advancing HCL’s ambitious expansion goals. At HCL, Shri Singh was responsible for marketing products of the Company, making policies, strategizing & handling major Materials, Service & Works contracts, storage handling and quality control of the Product of the company, i.e. Copper Concentrate in bulk.

Shri Singh had a unique blend of experience, excelling in Materials Management and Marketing holding key positions in RINL and HCL. During his service at RINL and HCL, he demonstrated expertise in both frontline operations and leadership skills. His comprehensive expertise spans the Materials Management, finalizing major MDO contracts for mines, Marketing and Contracting Functions at the Corporate Offices of the Organisations. He was involved in maximizing procurement through GeM and meeting MSME Targets, making policies in compliance with Govt. of India guidelines.

Shri Singh has assumed the duties for the post of Director (Commercial) of the NALCO w.e.f. 07.01.2026.

अंशकालिक गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक

सुश्री तृप्ति कमलेश पटेल

अंशकालिक गैर-आधिकारिक (स्वतंत्र) निदेशक

सुश्री तृप्ति कमलेश पटेल ने गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया है। आपने 10 वर्षों तक निजी क्षेत्र में वास्तुकला मार्गदर्शक के रूप में कार्य किया है। आपने राज्य महिला मोर्चा के संयुक्त कोषाध्यक्ष, दामिनी वुमेन फाउंडेशन (एनजीओ) में सचिव और मानवाधिकार संरक्षण संघ, डीएनएच और दमन दीव में भूतपूर्व पर्यवेक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण दमन की एक पैरालीगल वालंटियर हैं। आप महिलाओं और बच्चे के लिए सामाजिक कार्य करती रही हैं। सुश्री पटेल नवंबर, 2021 से नवंबर, 2024 तक स्वतंत्र निदेशक के रूप में भारत संचार निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल में थीं।

श्री पटेल संजयकुमार

अंशकालिक गैर-आधिकारिक (स्वतंत्र) निदेशक

18.05.1970 को जन्मे श्री पटेल गुजरात विश्वविद्यालय से विज्ञान (रसायन विज्ञान) में स्नातक हैं। आप वर्तमान में 2018 से कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी), खंभात के अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। आप 2018 से रालेज केदवनी मंडल, रालेज के अध्यक्ष और सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वी.वी. नगर के सिंडिकेट सदस्य भी हैं।

डॉ. अजय नारंग

अंशकालिक गैर-आधिकारिक (स्वतंत्र) निदेशक

डॉ. अजय नारंग वर्तमान में अपनी कंपनी के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा उद्यम समग्र केयर के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिससे जटिल भारतीय परिदृश्य के लिए बनाई गई चिकित्सा सेवाओं का एक विघटनकारी मॉडल सामने आ रहा है। उद्यम शहरी टियर -2 भारत में उच्च गुणवत्ता, न्यायसंगत, समय पर स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सक्षम करने पर केंद्रित है। आपको भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों में उद्योग और व्यवसाय में तीस से अधिक वर्षों का अनुभव है, जो अपने करियर की अवधि में निगमों के निदेशक मंडल में रहे हैं। पूर्व में, उन्होंने अमेरिकी ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करते हुए आईटी प्रबंधन क्षेत्र में काम किया है। अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने स्वयं को विनिर्माण और आपूर्ति उद्योग हेतु समर्पित कर दिया था। एक उद्यमी के रूप में, आपने एलपीजी सिलेंडर के निर्माणकर्ता एक बीमार औद्योगिक उद्यम के प्रबंधन की चुनौती को स्वीकार किया। कम उम्र में शुरू करते हुए, एक दशक की अवधि में, उन्होंने सफलतापूर्वक एक एसएसआई, सिलेंडर विनिर्माण सुविधा को अत्यधिक लाभदायक उद्यम में बदल दिया।

योग्यता के आधार पर, डॉ. नारंग एक एलोपैथिक जनरल फिजिशियन हैं और विज्ञान में स्नातक की डिग्री भी रखते हैं। आप योग्य सक्रियता और गैर-लाभकारी गतिविधियों की एक श्रृंखला में शामिल होकर समाज को वापस देने का प्रयास करते हैं। आप हिंदुस्तान समाचार, दिल्ली के निदेशक मंडल में रहे हैं। आपने एमएसएमई की सेवा में अखिल भारतीय लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष का भी पद संभाला। आप विश्व संवाद केंद्र ट्रस्ट, भोपाल के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भी हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने आपको प्रतिष्ठित महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय महिला स्नातकोत्तर स्वायत्तशासी महाविद्यालय, भोपाल की जन भागीदारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
आप कई सरकारी निकायों यथा; श्रम सलाहकार बोर्ड, मध्य प्रदेश; मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद की कार्यकारी परिषद; मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का आपूर्ति कोड पैनल; अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल की जनरल काउंसिल; क्षेत्रीय सलाहकार समिति, केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड; और राष्ट्रीय एमएसएमई बोर्ड, भारत सरकार में विशेष आमंत्रित के मानद पूर्व सदस्य भी रहे हैं। आपने जिनेवा, स्विट्जरलैंड में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन आईएलओ के 106वें त्रिपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन आईएलसी में नियोक्ता प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय रूप से भाग लिया।